जज साब गये छुट्टी पर, राम मंदिर पर नही होगी सुनवाई

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राम मंदिर का मामला रबर की तरह लगातार खिंचता ही चला जा रहा है और आखिर में किनारे पर आकर के इस मसले पर ऐसे ऐसे कारण सामने आ रहे है जिन्हें जानकर के कोई भी अपना सर पीट ले. पहले तो आपको बता दे राम मंदिर पर 10 जनवरी को सुनवाई होने वाली थी लेकिन सुनवाई करने वाले 5 जजों की बेंच में यू यू ललित भी थे जिन्होंने कल्याण सिंह का केस लड़ा था. कल्याण सिंह बीजेपी के बड़े दिग्गज नेता रहे है और इस वजह से मुस्लिम पक्ष के वकील ने अपनी आपत्ति जतायी और इसके चलते यू यू ललित ने अपनी जगह छोड़ दी और सुनवाई टल गयी. अब ये तय हो गया था कि इसकी अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी और इसमें चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, अब्दुल नजीर, अशोक भूषन. चन्द्रचूड और जस्टिस एस ए बोबडे शामिल थे.

29 को इस केस की सुनवाई होनी थी और लोगो में उम्मीद जगी थी कि जल्द ही इस मसले का हल निकल आयेगा लेकिन ऐसा नही हुआ और जस्टिस बोबडे छुट्टी पर चले गये है. इस पूरे केस की सुनवाई में क्योंकि जस्टिस बोबडे को भी शामिल किया गया था और अब वो छुट्टी पर चले गये है तो ऐसे में उनके बिना सुनवाई हो पाना संभव नही है.

अब ये सुनवाई अगले फरवरी महीने तक के लिए जाहिर तौर पर खिसक गयी है और इससे लोगो का धैर्य भी जवाब देता चला रहा है. वही दूसरी तरफ इस केस से जुड़े सभी दस्तावेजो का अनुवाद करने की बात भी चल पडी है और इस काम में तो महीनो लग जाने है और इसके बाद में आचार संहिता लग जायेगी और फिर चुनाव. चुनाव होने के बाद मामला ठन्डे बस्ते में चले जाना भी लाजमी है तो ऐसे में अयोध्या का ये राम मंदिर जमीन विवाद शायद इस बार भी ऐसे ही लटकता रह जाएगा. हालांकि जस्टिस बोबडे के छुट्टी जाने से लगभग 1 दिन पहले ही योगी आदित्यनाथ सुप्रीम कोर्ट को नसीहत दे चुके है कि अगर अदालतों से ये विवाद नही सुलझ पा रहा है तो हमें सौंप दे हम 24 घंटे में इसका निपटारा कर देंगे जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में काफी ज्यादा बवाल हुआ था और अब जज साहब के छुट्टी पर जाने के बाद लोगो का धैर्य फिर से जवाब देने लगेगा और मांग में तनाव की मात्रा बढ़ेगी.

हाँ इतना जरुर है कि मुस्लिम पक्ष की और से सिर्फ इन्तजार करने की बात की जा रही है जबकि हिन्दू धड़ा जल्द से जल्द फैसला चाहता है, तो देखना यही होगा कि फैसला कब आता है और कब राम मंदिर के निर्माण का कार्य शुरू होता है जिसके लिये लोगो ने सालो पहले से ईंटे अयोध्या लानी शुरू कर दी थी.