दो से ज्यादा बच्चो वाले से छीनो वोट का अधिकार, बोले बाबा रामदेव

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तेजी से बढ़ती हुई जनसंख्या शुरू से ही काफी चिंता का विषय रही है क्योंकि भारत में जनसँख्या का आंकडा अनुमानित तौर पर 140 करोड़ का आंकडा पार कर चुका है और संसाधन उसकी तुलना में बिलकुल कम है. ऐसे में हर किसी की अपनी अपनी सोच है और बाबा रामदेव ने भी इस पर अपना मत साफ़ कर दिया है. अलीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में बाबा रामदेव ने कहा ‘जिनके दो से ज्यादा बच्चे है उनसे वोट देने का अधिकार छीन लिया जाना चाहिये और साथ ही साथ उन्हें सरकारी नौकरी भी न दी जाये’ बाबा रामदेव ने इसे हिन्दू और मुस्लिम दोनों ही समुदायों पर लागू करने की माँग की.

बाबा रामदेव ने अपनी बात को आगे बढाते हुए अपने आपको राजनीति से दूर रखने का कारण भी बताया है, बाबा का मानना है कि इन दिनों में राजनीति का स्तर काफी गिरा है और इस वजह से वो इससे दूर रहना चाहते है और हनुमान जी की जाति को लेकर भी जो कुछ हुआ उससे भी वो काफी व्यथित दिखाई पड़े.

बाबा रामदेव के इस बयान के बाद से ही सोशल मीडिया पर जंग एक बार फिर से छिड़ गयी है. कुछ लोगो का कहना है जनसँख्या नियंत्रण के लिये इस तरह के सख्त कदम उठाना जरूरी है ताकि आने वाली पीढियों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके जबकि दूसरी तरफ कुछ लोगो का कहना है कि इस देश में लोकतंत्र है और इस तरह के फैसले से संविधान की मूल आत्मा को ठेस पहुँचती है इसलिये जनसँख्या को रोकने के लिये और सरल उपाय किये जाने जरूरी है. हालांकि इससे पहले भाजपा से जुड़े कई बड़े नेता जनसँख्या नियंत्रण को लेकर सख्त कदम उठाने की केन्द्रीय प्रतिनिधित्व से मांग कर चुके है.

ऐसी स्थिति में कही न कही ये मामला तो उभरकर आता ही है कि इसकी जरूरत समाज को और देश को है क्योंकि जिस गति से भारत में जनसँख्या बढ़ रही है उस गति से बढ़ने पर भारत विश्व की जनसँख्या का लगभग 17.5 प्रतिशत भाग ढो रहा है और आने वाले समय में ये आंकड़ा और भी बढ़ सकता है यानी भारत के पास विश्व के 5 प्रतिशत संसाधन भी नही होंगे और भारत को विश्व के हर पाँचवे व्यक्ति का पालन पोषण करना होगा जो एक बड़ी चुनैती साबित होगी और केन्द्रीय सरकार को अभी से इस पर चिंतन करने की काफी जरूरत है.